भारत की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना

05 December 2017 |Posted by : कौशल
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भारत में अब तक कौशल कार्य पारंपरिक रूप से सीखे और किये जाते थे। अक्सर पुत्र अपने पिता से ये कौशल सीखते थे और रोजगार में शामिल होते थे।परन्तु विगत कुछ दशकों से कौशल विकास के लिए उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता को महसूस किया गया। 


कुशल विकास के आभाव से उद्योगों के प्रभावित होने के बाद हाल ही में एक महात्वाकांशी प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की शुरुआत की गयी। इस योजना का उद्देश्य चार वर्षों (2016-2020) में 10 लाख युवाओं को लाभान्वित करना है।

पीएमकेवीवाई कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रमुख योजना है। इस कौशल प्रमाणन योजना का उद्देश्य बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं को बेहतर आजीविका पाने में सक्षम बनाना है। 

इस योजना के अंतर्गत, कौशल सीखने के साथ प्रार्थियों का मूल्यांकन भी किया जाता है और मान्यता प्राप्त प्राथमिकता (आरपीएल) के तहत प्रमाणित किया जाता है। इस योजना में प्रशिक्षण और आकलन शुल्क का पूरा भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है।

पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण केंद्रों (टीसी) में दी गई लघु अवधि प्रशिक्षण से भारतीय राष्ट्रीयता के उम्मीदवारों को फायदा हो रहा है जो स्कूल या कॉलेज छोड़ने के बाद बेरोजगार हैं। राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अनुसार विधिवत प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा, टीसी सॉफ्ट स्किल्स, एंटरप्रेन्योरशिप, फाइनेंशियल और डिजिटल साक्षरता में भी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण की अवधि नौकरी के अनुसार 150 से 300 घंटे के बीच होती है। पूर्व ज्ञान के अनुभव या कौशल वाले व्यक्तियों का मूल्यांकन किया जाता है और योजना के पूर्व ज्ञान (आरपीएल) घटक के अंतर्गत प्रमाणित किया जाता है। 

पीएमकेवीवाई की योजनायें विशेष क्षेत्रों और / या सरकारी निकायों, कॉर्पोरेट या उद्योग निकायों के परिसर में भी प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करती हैं।  
पीएमकेवीवाई हर छह महीने में कौशल और रोजगार मेला का आयोजन भी करती है जिसमें इच्छुक कौशल प्राप्त युवक और युवतियां सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। 

पीएमकेवीवाई टीसी द्वारा हर संभव प्रयास किए जाते हैं कि उम्मीदवारों को नियुक्ति के उचित अवसर प्राप्त हों और योजना का मूल उद्देश्य पूरा हो। पीएमकेवीवाई टीसी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानदंडों को बनाए रखने के लिए, एनएसडीसी और सूचीबद्ध निरीक्षण एजेंसियां कौशल विकास प्रबंधन प्रणाली (एसडीएमएस) के माध्यम से स्वयं-लेखा परीक्षा रिपोर्टिंग, कॉल सत्यापन, अचानक दौरे और निगरानी के रूप में विभिन्न तरीकों का उपयोग करती हैं। पीएमकेवीवाई योजना राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के माध्यम से लागू की जा रही है।

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भारत की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना

भारत में अब तक कौशल कार्य पारंपरिक रूप से सीखे और किये जाते थे।

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